Sunday, February 16, 2020

क्या आप आख़री सास तक स्वस्थ, चुस्त, तंदुरस्त रहना चाहते है? जैसे कुछ पीढ़ी पहले तक हमारे पूर्वज रहते थे ?

आजकल का यह टुकड़ो में बटा हुआ, आधा अधूरा, पराया ज्ञान कैसे आपको स्वस्थ बनाएगा? तंदुरस्त बनाएगा?

वो तो संभ्रम ही लाएगा, स्वास्थ्य से दूर लेके जाएगा, आपको स्वास्थ्य पारतंत्र्य में लेके जाएगा ।

वही हो रहा है आधुनक, मॉडर्न जगत में रुग्णोंकी, बीमारियोंकी संख्या कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है।

 कई  पढियों पहले तक हमारे पूर्वज स्वयं के अनुभव के आधार पर ही शरीर, आहार, विहार, ऋतु, मन को और उसके शरीर पर होनेवाले परिणाम को जानकर आखिरतक खुद का स्वास्थ्य खुद ही संभालते थे।

आहार, विहार, ऋतु, मन का अपने स्वास्थ पर पड़ने वाला प्रभाव जबतक स्वयं न जान ले तब तक स्वस्थ, तंदुरुस्त रहना लगभग नामुनकिन है।


क्या यह संभव है, की हरकोई  स्वयं आहार, विहार, ऋतु, मन  को और उसके स्वास्थ पर पड़नेवाले प्रभाव को भलीभाती जानकर, खुद ही खुद की और परिवार की स्वास्थ्य की जिमेवारी ले?

हाँ संभव है ।


तो चलो आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान पर आधारित "१० घंटे के स्वास्थ स्वतंत्रता कार्यशाला" में सम्मिलित होकर-
खुद ही खुद के शरीर को जाने,
खुद के आहार को जाने ,
खुद के विहार को जाने,
ऋतु को , मन को जाने,
बीमारियों को जाने,
बीमारियों के कारणों को जाने, उनको दूर करे
बिना दवाइयाँ के घर में ही लगभग ८०%  बीमारियों को कैसे ठीक करे ये खुद ही जाने.

आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान पर आधारित "१० घंटे के स्वास्थ स्वतंत्रता कार्यशाला" में सम्मिलित हो और खुद ही खुद का डॉक्टर बने

10 घंटे की स्वास्थ्य स्वतंत्रता कार्यशाला में शामिल होने के 3 तरीके

1.) घर बैठे ऑनलाइन कार्यशाला में भाग ले
https://learning.healthindependence.in

२.) अगर आपका ४० या उससे अधिक लोगों के समूह है, तो आरोग्य स्वातंत्र्य टीम आपके यहाँ आकर यह कार्यशाला ले सकते है
http://healthindependence.in/hi/contact.html

3.) पुणे में नियमित रूप से वीकेंड में, वीक डेज में  कार्यशाला का आयोजन किया जाता है
http://healthindependence.in/hi/workshop.html

संपर्क +91-9881686000
www.healthindependence.in/hi/index.html

हर घर मे स्वास्थ्य, हर घर मे खुशहाली।

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